Indore में कलेक्टर कार्यालय में आयोजित TL बैठक में प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों और प्राथमिक योजनाओं की समीक्षा के दौरान सीएम हेल्पलाइन की मार्च माह की ग्रेडिंग में कमजोर प्रदर्शन करने वाले विभागों पर कड़ी नाराजगी जताई गई।
Shivam Verma ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए और सभी प्राथमिक योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक समय सीमा में पहुंचे। साथ ही सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का क्वालिटी डिस्पोजल और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जिन विभागों का प्रदर्शन कमजोर है, उन्हें पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है। यदि अगली समीक्षा में भी शिकायतों का निराकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित विभागों को शॉर्ट नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। विभागाध्यक्षों (HOD) को स्पष्ट टारगेट सौंपे गए हैं और लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही तय होगी।
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, संकल्प समाधान और राजस्व अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चलाए गए राजस्व अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय पर निराकरण किया गया है।
सीएम हेल्पलाइन की मार्च ग्रेडिंग में कई प्रमुख विभागों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। सामान्य प्रशासन विभाग को 62.04 प्रतिशत वेटेज स्कोर के साथ C ग्रेड मिला। वित्त विभाग 66.82 प्रतिशत स्कोर के साथ C ग्रेड में रहा, जबकि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को 56.63 प्रतिशत स्कोर के साथ D ग्रेड प्राप्त हुआ। सबसे खराब प्रदर्शन लोक निर्माण विभाग का रहा, जिसे D ग्रेड और 47वीं रैंक मिली।
प्रशासन के अनुसार ग्रेडिंग चार प्रमुख पैरामीटर्स पर आधारित है—
- 60% वेटेज: संतुष्टि के साथ बंद शिकायतें
- 20% वेटेज: 50 दिन से लंबित शिकायतें
- 10%: निम्न गुणवत्ता निराकरण
- 10%: नॉट अटेंडेड शिकायतें
प्रशासन ने अब साफ कर दिया है कि आगे से हर शिकायत के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष फोकस रहेगा और विभागाध्यक्षों की सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी।










