लोकसभा में अभिनेत्री और सांसद Kangana Ranaut ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
कंगना रनौत ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी से बड़ा नारीवादी कोई नहीं है।” उनके इस बयान के बाद संसद से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है।
समर्थकों का कहना है कि मोदी सरकार ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाएं लागू करना। इसी आधार पर कंगना का यह बयान एक मजबूत राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
वहीं, विपक्ष इस बयान को राजनीतिक प्रचार बताते हुए सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि वास्तविकता में महिलाओं से जुड़े कई मुद्दे अभी भी अधूरे हैं और केवल बयानबाजी से हालात नहीं बदलते।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण और नीतियों को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी की नीतियां उन्हें “सबसे बड़ा नारीवादी” साबित करती हैं, या यह सिर्फ एक राजनीतिक दृष्टिकोण है? इस मुद्दे पर देशभर में चर्चा जारी है।













