नेपाल में नववर्ष के उत्साह के बीच मधेश और मिथिलांचल क्षेत्र में सतुवाइन और जुड शीतल पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है।
सतुवाइन पर्व के अवसर पर लोग परंपरा के अनुसार कुलदेवता की पूजा कर सतुवा अर्पित करते हैं। चना, गेहूं, मक्का और जौ को मिलाकर तैयार किया जाने वाला सतुवा इस पर्व का मुख्य आकर्षण होता है, जिसे पूजा के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
सतुवाइन के अगले दिन जुड शीतल पर्व मनाया जाता है। इस दिन घर के बड़े सदस्य छोटे सदस्यों के सिर पर जल छिड़ककर उन्हें स्वास्थ्य, शांति और दीर्घायु का आशीर्वाद देते हैं।
इस पर्व के दौरान चना-बदाम का सतुवा, दाल, मनुंगा (साग) की सब्जी, बदाम के आटे से बनी बरी और दही से बने व्यंजनों का विशेष महत्व होता है। साथ ही, खेतों में लगे पेड़-पौधों को पानी देकर हरियाली और उर्वरता बनाए रखने की कामना की जाती है।
मधेश और मिथिला की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा यह पर्व क्षेत्र में आपसी सद्भाव, परंपरा और भाईचारे का प्रतीक है, जिसे सभी समुदाय मिलकर उल्लास के साथ मनाते हैं।













