Narendra Modi ने The Hague में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानवता के सामने अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज मानवता के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। पहले कोरोना आया, फिर युद्ध शुरू हुए और अब ऊर्जा संकट सामने है। यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वैश्विक परिस्थितियों में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो पिछले कई दशकों में हासिल विकास और आर्थिक उपलब्धियां प्रभावित हो सकती हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, दुनिया की बड़ी आबादी दोबारा गरीबी और आर्थिक अस्थिरता के दौर में पहुंच सकती है।
पीएम मोदी के इस बयान को मौजूदा वैश्विक हालात, बढ़ती महंगाई, ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व स्तर पर सहयोग, स्थिरता और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन भारत की वैश्विक भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता है।










