इंदौर के Index Hospital में आधुनिक चिकित्सा तकनीक की मदद से एक 60 वर्षीय किसान की सफल रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई। यह पूरी सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग ₹3 लाख की लागत में पूरी तरह निःशुल्क संपन्न हुई।
बड़वानी जिले के हटोला नालापुरा निवासी किसान पिछले कई वर्षों से घुटनों के गंभीर दर्द से परेशान थे। खेती-किसानी का काम करने के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दाएं घुटने में पिछले 2 वर्षों से लगातार दर्द था, जबकि बाएं घुटने में लगभग 10 वर्षों से समस्या बनी हुई थी।
अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष Ajay Singh Thakur और उनकी टीम ने जांच के बाद मरीज को “बायलेटरल नी ऑस्टियोआर्थराइटिस” से पीड़ित पाया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने लेफ्ट रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी करने का निर्णय लिया।
डॉ. ठाकुर ने बताया कि रोबोटिक तकनीक से की जाने वाली घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक सटीक और सुरक्षित होती है। इसमें रोबोट की सहायता से घुटने की स्थिति का बेहद बारीकी से विश्लेषण किया जाता है, जिससे कृत्रिम घुटने को सही एलाइनमेंट में लगाया जा सके। इससे मरीज को कम दर्द, कम ब्लीडिंग और तेजी से रिकवरी का लाभ मिलता है।
इस सर्जरी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि आर्थिक रूप से कमजोर किसान का पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क हुआ। परिजनों ने बताया कि इतनी महंगी सर्जरी करवाना उनके लिए संभव नहीं था, लेकिन सरकारी योजना उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रोबोटिक तकनीक और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का यह संयोजन भविष्य में हजारों मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है।










