मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक बेहद अनोखा और चर्चा का विषय बना मामला सामने आया है। यहां 60 वर्षीय कल्याण पाल नाम के बुजुर्ग ने अपनी मौत से पहले ही खुद का मृत्यु भोज और अंतिम संस्कार से जुड़े सभी धार्मिक कर्मकांड पूरे कर लिए।
जानकारी के अनुसार, कल्याण पाल को इस बात की चिंता थी कि उनके निधन के बाद परिवार पर आर्थिक और सामाजिक बोझ बढ़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने जीवित रहते हुए ही सभी परंपराएं पूरी करने का फैसला लिया।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग पहले प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान के साथ अपने नाम का कर्मकांड कराया। इस दौरान गंगा स्नान, पूजा-पाठ और अस्थि विसर्जन जैसी धार्मिक परंपराएं भी निभाई गईं। इसके बाद वे अपने गांव लौटे और 15 मई से 24 घंटे का सीताराम रामधुन पाठ शुरू कराया।
इतना ही नहीं, गांव में बड़े स्तर पर मृत्यु भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इस अनोखे आयोजन को देखने और सुनने के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेजी से फैल गई।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे भारतीय परंपरा और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग इसे परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अलग तरीका बता रहे हैं।
हालांकि, यह मामला लोगों के बीच हैरानी और जिज्ञासा दोनों का विषय बना हुआ है। शिवपुरी का यह अनोखा आयोजन अब पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है।













