तमिलनाडु की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन विधेयक 2026 के खिलाफ खुला विरोध दर्ज करते हुए इसकी प्रतियां जला दीं। संसद के विशेष सत्र की शुरुआत के साथ ही यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
दरअसल, केंद्र सरकार इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक के साथ-साथ परिसीमन विधेयक पेश करने जा रही है। जहां महिला आरक्षण विधेयक को विपक्ष का व्यापक समर्थन मिला है, वहीं परिसीमन विधेयक को लेकर कई दलों ने कड़ा विरोध जताया है।
इसी क्रम में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) प्रमुख और मुख्यमंत्री स्टालिन ने पहले ही इस विधेयक के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। उन्होंने तमिलनाडु की जनता से अपील की थी कि वे अपने घरों पर काला झंडा फहराकर विरोध दर्ज कराएं।
नामक्कल जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने काली शर्ट पहनकर न सिर्फ काला झंडा फहराया, बल्कि विधेयक की प्रतियों को जलाकर विरोध को और तीखा कर दिया। इस दौरान उन्होंने नारे लगाए—“लड़ेंगे, लड़ेंगे… तमिलनाडु लड़ेगा… जीतेंगे हम साथ मिलकर…”
स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि तमिलनाडु में इस विरोध की आग को फैलने दिया जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में परिसीमन विधेयक 2026 को लेकर देशभर में सियासी घमासान और तेज हो सकता है।










