तमिलनाडु की TVK सरकार ने मुख्यमंत्री विजय के ज्योतिषी माने जा रहे राधन पंडित वेट्रिवेल को OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) नियुक्त करने का फैसला वापस ले लिया है। यह निर्णय विधानसभा में विरोध और राजनीतिक विवाद बढ़ने के बाद लिया गया।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब नई सरकार के फ्लोर टेस्ट के दौरान विपक्षी दलों और सहयोगी पार्टियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण पद पर कथित तौर पर एक ज्योतिषी की नियुक्ति पर सवाल उठाए। कई नेताओं ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गलत संदेश बताया।
प्रेमलता विजयकांत ने विधानसभा में इस नियुक्ति की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के OSD पद पर ज्योतिषी की नियुक्ति निंदनीय है। वहीं VCK ने भी सरकार से पूछा कि वेट्रिवेल को आखिर किस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया था।
यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया जब विजय सरकार 2026 चुनावों के बाद पहली बार विधानसभा में बहुमत साबित कर रही थी। हालांकि सरकार को कांग्रेस, CPI(M), VCK, IUML, DMDK और AMMK के एक विधायक का समर्थन मिला और फ्लोर टेस्ट आसानी से पास हो गया, लेकिन OSD नियुक्ति का मुद्दा सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा करने लगा।
सूत्रों के अनुसार, गठबंधन दलों और विपक्ष के बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए नियुक्ति तुरंत वापस लेने का फैसला किया। अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषक इसे सत्ता में आने के बाद TVK सरकार का पहला बड़ा यू-टर्न मान रहे हैं।












