वॉशिंगटन। वैश्विक जल संकट से निपटने के लिए World Bank ने ‘वॉटर फॉरवर्ड’ नामक एक महत्वाकांक्षी पहल की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अगले चार वर्षों में लगभग 1 अरब लोगों को सुरक्षित और विश्वसनीय जल उपलब्ध कराना है।
विश्व बैंक के अनुसार, इस योजना के तहत जल आपूर्ति प्रणालियों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सूखा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। संस्था अपनी वित्तीय सहायता और तकनीकी विशेषज्ञता के जरिए वर्ष 2030 तक करीब 40 करोड़ लोगों तक बेहतर जल सेवाएं पहुंचाने में मदद करेगी, जबकि शेष सहायता साझेदार संस्थानों के सहयोग से दी जाएगी।
इस वैश्विक पहल में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं शामिल होंगी, जिनमें क्षेत्रीय विकास बैंक, ओपेक फंड फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट और न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसी संस्थाएं प्रमुख हैं। हालांकि, इस योजना के कुल निवेश का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की लगभग 4 अरब आबादी जल संकट का सामना कर रही है। इसके पीछे कमजोर नीतियां, अपर्याप्त नियामक ढांचा और वित्तीय रूप से कमजोर जल प्रणालियां मुख्य कारण हैं, जो सुधार और निवेश की गति को प्रभावित करती हैं।
फिलहाल, 14 देशों ने इस कार्यक्रम के तहत अपने जल क्षेत्र को मजबूत बनाने और सुधार करने का संकल्प लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल बुनियादी ढांचे पर नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था और प्रबंधन सुधार पर भी ध्यान देती है।
विशेषज्ञ डेविड मिशेल ने इस पहल को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इसे लागू करने में कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। वहीं, विश्व बैंक का मानना है कि मजबूत जल प्रणाली न केवल लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करती है, बल्कि आर्थिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।













