मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने 10,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं को मंजूरी प्रदान करते हुए नगरीय विकास, सिंचाई, किसानों, महिला एवं बाल विकास तथा वाणिज्यिक कर विभाग से जुड़े बड़े फैसलों पर मुहर लगाई।

सरकार ने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए अगले पांच वर्षों में 8,445 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह राशि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य शहरी विकास परियोजनाओं और ऋण पुनर्भुगतान पर खर्च की जाएगी।
कुण्डलिया सिंचाई परियोजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने राजगढ़ जिले की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना को 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालित रखने के लिए 245 करोड़ 45 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इस परियोजना के माध्यम से राजगढ़ और आगर-मालवा के लगभग 1.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।
मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ की गारंटी
किसानों के हित में राज्य सरकार ने मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह राशि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत लक्ष्य से अधिक खरीदी गई मूंग के भुगतान और वित्तीय दायित्वों के निर्वहन में उपयोग होगी।
टेक-होम राशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने टेक-होम राशन (THR) के उत्पादन एवं वितरण की व्यवस्था को मध्यप्रदेश राज्य आजीविका फोरम से वापस लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है। अंतरिम व्यवस्था के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। स्थायी व्यवस्था भारत सरकार के नए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद लागू की जाएगी।
वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 521 करोड़ रुपये
बैठक में वाणिज्यिक कर विभाग की तीन स्थापना योजनाओं के संचालन के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 521 करोड़ 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इस राशि का उपयोग कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, कार्यालय संचालन, व्यावसायिक सेवाओं, मशीनरी, फर्नीचर और वाहनों के रखरखाव पर किया जाएगा।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णय एक नजर में
- 10,800 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को मंजूरी।
- 8,445 करोड़ रुपये नगरीय अधोसंरचना विकास के लिए स्वीकृत।
- 245.45 करोड़ रुपये कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना के लिए मंजूर।
- 1,587 करोड़ रुपये की मूंग उपार्जन हेतु निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति।
- टेक-होम राशन व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित।
- 521.04 करोड़ रुपये वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यालय संचालन के लिए स्वीकृत।
इन निर्णयों के माध्यम से राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आगामी वर्षों में शहरी अधोसंरचना, सिंचाई, कृषि, पोषण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से प्रदेश के विकास को गति मिलने के साथ किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।









